हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आशीष है और मेरी उम्र 21 साल है। antarvasna Kamukta hindi sex indian sex chudai Kahani दोस्तों में आज आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। यह कहानी मेरी माँ की फ्रेंड सुनीता की है, जिसको मैंने चोदा और अपनी और उनके जिस्म की संतुष्टि को प्राप्त किया। मेरी माँ की फ्रेंड सुनीता की उम्र करीब 40 साल से ज्यादा ही होगी, लेकिन वो चेहरे से बिल्कुल भी नहीं लगती थी। उनका जिस्म अभी भी किसी कुँवारी लड़की से कम नहीं था, जिसको देखने के बाद हर कोई उन्हे चोदने की सोचता। उनके बड़े बड़े बूब्स, बड़ी गांड, नशीली आखें हर किसी के लंड से पानी निकालने के लिए बहुत थी और उनके पति ऑफिस के काम से अक्सर बाहर जाया करते थे और उनके दो बच्चे थे,
एक लड़का जो होस्टल में रहता था और वहीं पर पढ़ता था और एक लड़की जिसकी कुछ टाईम पहले शादी हुई थी।
वो मेरी मामी की कुछ टाईम पहले ही नई नई दोस्त बनी थी और फिर वो लगातार मेरे घर पर आने जाने लगी थी और सुनीता आंटी हमेशा साड़ी ही पहनती थी, लेकिन में उनके बारे में कभी भी मन में कुछ गलत नहीं सोचता था। एक दिन आंटी मेरे घर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी कि मेरे घर पर कोई भी नहीं होता है, तो क्या में आशीष से कभी कभी अपने कुछ काम हो तो, उससे करा लूंगी? तो मेरी मम्मी ने कहा कि हाँ, ठीक है आपके कोई भी काम हो तो इसको बोल दिया करो, यह वो काम कर देगा। फिर क्या था सुनीता आंटी मुझसे एक दो दिन में कुछ ना कुछ सामान मंगवाती रहती थी और में उनके घर पर जाता रहता, लेकिन में कभी भी उनके घर के अंदर नहीं जाता था, में बाहर से उनको सामान देकर चला आता था, तो एक दिन आंटी ने मुझे कॉल किया कि आशीष तुम आज मेरे साथ मार्केट चलो, मुझे कुछ सामान लेना है और उन दिनों बारिश हो रही थी। तो में आंटी के घर के बाहर आया और कॉल किया कि आंटी में आ गया हूँ, तो आंटी क्या मस्त साड़ी पहनकर आई उन्होंने लाल रंग की सिल्क की साड़ी पहनी हुई थी, लेकिन फिर मैंने इतना ध्यान नहीं दिया, क्योंकि में आंटी के बारे में कभी भी कोई गलत बात नहीं सोचता था।
तो में आंटी के घर पर पहुंचा और उन्हे अपनी बाईक पर बैठाकर ले जाने लगा और फिर में कुछ देर बाद आंटी को मार्केट ले आया, आंटी ने कुछ घर का जरूरी सामान लिया और फिर आंटी एक दुकान में चली गई, जहाँ पर पेंटी और ब्रा मिलती थी और में उस दुकान के बाहर ही रुक गया। तो आंटी बोली कि आशीष क्या हुआ बाहर क्यों रुक गए? तो मैंने कहा कि नहीं आंटी आप ही अंदर जाइए, आंटी मुझसे बोली कि तुम भी अंदर चलो ना मुझे कोई दिक्कत नहीं है और में आंटी के साथ अंदर चला गया। आंटी ने दुकानदार से कुछ पेंटी और ब्रा देने को कहे आंटी का साईज़ 42 था और फिर आंटी ने तीन पेंटी और ब्रा खरीद लिए और में आंटी को अपनी बाईक पर बैठाकर घर पर लाने लगा, लेकिन तभी बहुत ज़ोर से बारिश होने लगी तो आंटी ने अपने बूब्स को मेरी कमर से एकदम चिपका दिया जिसकी वजह से मुझे उनके जिस्म की गरमी महससू हो रही थी, एक तरफ बारिश का ठंडा ठंडा पानी और दूसरी तरफ उनके जिस्म की गरमी मेरे शरीर में एक अजीब सा अहसास पैदा कर रही थी और उनके बूब्स मेरी कमर से दब रहे थे, तो आंटी और में थोड़ा सा भीग गए और हम जैसे ही आंटी के घर पर पहुंचे तो बारिश और भी तेज हो गई तो आंटी मुझसे बोली कि आशीष जल्दी से अंदर चलो और में बाईक को एक साइड में लगाकर आंटी के घर चल दिया, आंटी ने अपने घर का दरवाजा खोला और हम दोनों अंदर चले गये। में आंटी के घर के अंदर पहली बार गया था, तो आंटी ने कहा कि आशीष यह लो टावल और जल्दी से अपनी ड्रेस को उतार लो नहीं तो तुम्हे ठंड लग जाएगी, तो मैंने कहा कि आंटी कोई बात नहीं, में बारिश के थोड़ा कम होते ही अपने घर पर चला जाऊंगा, तो आंटी ने कहा कि अरे आशीष तुम्हारी ड्रेस पूरी तरह भीग गई है और ऐसे तुम बीमार हो जाओगे, तुम अपने कपड़े बदल लो। मैंने आंटी के बहुत बार कहने पर उनकी बात मान ली और अपनी ड्रेस उतार दी और टावल पहन लिया और फिर आंटी भी अपनी ड्रेस को चेंज करने अपने रूम में चली गई, लेकिन जब आंटी वापस आई तो वो क्या मस्त लग रही थी। वो एक गुलाबी कलर की नाईटी पहनकर आई और ठीक मेरे सामने आकर बैठ गई, तो में उनके जिस्म को नजरे चुराकर देखने लगा और में उनके आधे बाहर की तरफ झांकते हुए बूब्स को देखने लगा, वो बहुत सुंदर दिख रहे थे।
फिर आंटी मुझसे बोली कि आशीष में चाय बनाकर लाती हूँ और जैसे ही वो उठकर जाने लगी तो उनकी एकदम टाईट नाईटी से उनकी गांड बहुत बड़ी और बाहर की तरफ दिख रही थी, जिसने मेरे लंड को अब गरम होने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन में फिर भी शांत रहा। फिर कुछ देर बाद आंटी चाय लेकर आई और चाय रखने के लिए थोड़ा सा झुकी तो मुझे उनके बूब्स के पूरी तरह दर्शन हो गये और में बहुत खुश हुआ। फिर वो मेरे सामने बैठ गई और हम दोनों चाय पीने लगे और आंटी इधर उधर की बातें करने लगी कि आशीष तुम क्या करते हो? और क्या करना चाहते हो? फिर अचानक से आंटी मुझसे कहने लगी कि आशीष में वो ब्रा, पेंटी सब पहनकर देख लेती हूँ, कि वो साइज़ ठीक है या नहीं, अगर साइज़ सही नहीं होगा तो तुम उस दुकान पर जाकर उन्हें बदलवा कर ले आना। फिर आंटी अंदर गई और थोड़ी देर बाद आंटी ने मुझे आवाज़ लगाई कि आशीष ज़रा अंदर आना, तो में टावल में ही अंदर चला गया और फिर अंदर जाते ही मेरी आँखे खुली की खुली रह गई क्योंकि जो सब कुछ मैंने अंदर देखा वो में कभी सपने में भी नहीं सोच सकता था, अंदर आंटी पेंटी और ब्रा में थी और वो आइने के सामने ब्रा पहनने की कोशिश कर रही थी तो में वहीं रूक गया।
तो आंटी बोली कि अंदर आ जाओ, में थोड़ी हिम्मत करके अंदर चला गया और फिर आंटी बोली कि आशीष ज़रा इसको पहना दो, मुझसे इसका हुक नहीं लग रहा है, में बोला कि क्या आंटी में? तो आंटी बोली कि हाँ तू, क्या हुआ? तो में आंटी की ब्रा का हुक लगाने लगा और कांच में से चुपके चुपके उनके मोटे मोटे बूब्स देख रहा था। आंटी मुझसे पूछने लगी कि आशीष क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो में उस टाईम एकदम चुप रहा और आंटी फिर से बोली कि बताओ ना, में यह बात किसी को नहीं कहूंगी। तो मैंने बोला कि आंटी ऐसी कोई बात नहीं है क्योंकि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। तो आंटी बोली कि क्यों मुझसे झूठ बोल रहा है? तो मैंने कहा कि आंटी मुझे अब तक कोई मिली ही नहीं। तो आंटी बोली कि क्यों तुम्हे किस तरह की लड़की चाहिए? फिर में बोला कि जो मुझे प्यार करे। आंटी बोली कि हाँ यह बात सही है और मैंने तब तक आंटी का ब्रा का हुक लगा दिया था और आंटी मेरे सामने सीधी होकर खड़ी हो गई, उनके मोटे मोटे बूब्स को देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और टावल से साफ साफ दिखने लगा और आंटी ने भी शायद यह सब देख लिया। फिर आंटी बोली कि आशीष ज़रा वो वाली ब्रा लाना जो उसके पास में है। तो में उस दूसरी ब्रा को लेने गया। तब तक आंटी ने अपनी ब्रा को उतार दिया और मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी। मेरा दिमाग़ काम ही नहीं कर रहा था कि में अब क्या करूं? तो आंटी बोली कि लाओ ना, तो में ब्रा लेकर आंटी के पास चला गया। आंटी बोली कि क्या हुआ आशीष कभी किसी औरत को ऐसे नहीं देखा क्या? तो मैंने कहा कि नहीं, और फिर आंटी मेरे लंड की तरफ देखकर ज़ोर से हंसी और बोली कि यह क्या है? तो में बोला कि आंटी कुछ नहीं, आंटी मेरे पास आई और मेरे लंड को छूने लगी और बोली कि यह तो सब कुछ चाहता है। तो में आंटी की बातें सुनकर एकदम पागल सा हो रहा था, आंटी ने मेरा टावल निकाल दिया और में अब उनके सामने सिर्फ अपने अंडरवियर में खड़ा हुआ था। आंटी बोली कि में पहले इसको शांत करती हूँ और आंटी मेरे लंड को अंडरवियर के बाहर से हिलाने लगी और अब मुझे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने आंटी को अपनी बाहों में भर लिया और उनको किस करने लगा। तो आंटी बोली कि आशीष बहुत टाईम से तेरे अंकल ने मुझको प्यार नहीं किया, इसलिए मैंने तेरे साथ यह सब किया और अगर में आगे होकर तुझसे यह सब करने के लिए बोलती तो तू मुझसे बात भी नहीं करता, क्योंकि तुमको अब मुझमें क्या मिलेगा?
तो मैंने कहा कि आंटी ऐसी कोई बात नहीं है। में आपको आज से बहुत प्यार करूंगा, आपकी हर एक इच्छा पूरी करूंगा, आप जो बात कहोगी वो में करूंगा। तो आंटी मुझको किस करने लगी। मैंने आंटी को अपनी गोद में उठा लिया और पलंग पर लेटा दिया और में आंटी की पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को मसलने लगा और उनके बूब्स को चूसने लगा। आंटी मस्त आवाज़ निकालती जा रही थी, वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी थी, तो मैंने आंटी की पेंटी को उतार दिया। मैंने देखा कि आंटी की चूत पर एक भी बाल नहीं है, वो पूरी एकदम लाल गीली चूत थी। तो आंटी बोली कि मैंने आज ही अपनी चूत के बाल साफ किये है क्योंकि मुझे आज तुझसे जो मिलना था। तो मैंने कहा कि क्या बात है साली? तो वो हंसने लगी और मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी। में उसके बूब्स को चूसते चूसते उसकी नाभि को चूमने और चाटने लगा। तो उसने कहा कि आशीष प्लीज अब अपनी आंटी को और मत तड़पाओ प्लीज़ अह्ह्ह्ह अपने लंड को मेरी चूत में डालो ना। तो मैंने कहा कि अच्छा और फिर मैंने आंटी के दोनों पैरों को फैलाया और उनकी चूत के मुहं पर अपना लंड रखा और धीरे से अंदर डालना शुरू किया और एक ही जोरदार धक्का दिया कि आंटी की चीख निकल गई और मैंने अपनी स्पीड बड़ा ली और आंटी की सिसकियों की आवाज़ मुझको पागल करने लगी.. हअह्ह्ह्हह्ह उह्ह्हह्ह्ह्ह और ज़ोर से हाँ अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह हाँ ज़ोर से। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर में अपनी तेज स्पीड से अपने लंड को उनकी चूत के अंदर बाहर करता रहा और कुछ देर के बाद आंटी ने अपना पानी छोड़ दिया, लेकिन फिर भी मेरी स्पीड वही रही और करीब 15 मिनट के बाद मेरा भी वीर्य निकलने वाला था तो मैंने पूछा कि आंटी कहाँ निकालूँ? और फिर वो बोली कि बाहर ही निकाल दो, मैंने अपना लंड, चूत से बाहर निकाल लिया और आंटी के ऊपर ही अपना पूरा वीर्य निकाल दिया। तो आंटी बोली कि अरे तूने अपनी आंटी को पूरा गंदा कर दिया। तो मैंने कहा कि आंटी लो इसे चूसो ना, तो आंटी बोली कि यह सब अच्छा नहीं होता। तो मैंने कहा कि आंटी प्लीज़ एक बार, लेकिन वो फिर भी मना करने लगी, तो मैंने अपने लंड को जबरदस्ती उसके मुहं के अंदर डाल दिया और उनसे कहा कि चूसो इसे। तो वो मना करने लगी, लेकिन मैंने कहा कि हाँ आप मुझसे प्यार नहीं करती? फिर आंटी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है चलो में तुम्हारा लंड चूसती हूँ और वो मेरे लंड को चूसने लगी और मेरे लंड को उसने पूरी तरह चाट चाटकर साफ कर दिया और कहने लगी कि तुम सबको इसमें क्या मज़ा आता है? तो मैंने कहा कि आंटी इसमें बहुत शांति मिलती है और थोड़ी ही देर बाद मेरा लंड फिर से तैयार होने लगा और आंटी अपने आपको साफ करने बाथरूम में चली गई। फिर आंटी कुछ देर बाद साफ होकर बाहर आई। मेरा मन और भी चुदाई करने का हो रहा था। मैंने आंटी को अपने हाथों से उठाकर बेड पर लेटा दिया। तो आंटी बोली कि क्यों अब क्या करना है? मैंने कहा कि आंटी मुझे अभी और भी सेक्स करना है। तो आंटी बोली कि क्यों, अब नहीं? तो में आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स को चूसने लगा। मैंने आंटी की चूत में फिर से अपने लंड को रखा और फिर से एक धक्का मारा और अपना लंड पूरा का पूरा अंदर डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा और आंटी अपनी कमर ऊपर नीचे करने लगी और में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारता रहा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने आंटी को अपने ऊपर बैठाया और वो मेरे ऊपर लंड को पकड़कर ऊपर नीचे होने लगी। में ऐसा करीब 15 मिनट तक करता रहा। फिर मैंने आंटी को एक टेबल के ऊपर बैठाया और उनकी चूत में अपना लंड डालकर धक्के मारने लगा। फिर मैंने उनको बेड पर लेटा दिया और चोदने लगा। लगभग 30 मिनट बाद मेरा वीर्य निकलने को तैयार था और मैंने अपना वीर्य आंटी के अंदर ही डाल दिया।
तो आंटी बोली कि आशीष तुमने यह क्या किया? तो मैंने कहा कि आंटी इसका असली मज़ा अंदर ही है और वो बोली कि तू बड़ा बदमाश है चल अब हट मेरे ऊपर से। तो में आंटी के ऊपर ही लेट गया और बोला कि आंटी रूको ना ज़रा आपको किस करने दो। में आंटी के बूब्स को चूसता रहा और आंटी के साथ थोड़ी देर लेटा रहा। तब तक शाम के 5 बज गये थे, लेकिन मेरा मन अभी भी घर पर जाने को नहीं कर रहा था। तो आंटी बोली कि क्यों घर नहीं जाना? मैंने कहा कि आंटी आपको छोड़कर जाने का मन नहीं कर रहा। आंटी बोली कि तो क्या हुआ? तू आज पूरी रात रुक जा अपनी आंटी के पास और मुझे प्यार कर। तो में उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और सोचा कि आज सही टाईम है और फिर मैंने घर पर कॉल करके बोल दिया कि आज मुझे कुछ काम है इसलिए में अपने दोस्त के यहाँ पर रुक गया हूँ। फिर में आंटी को अपनी बाहों में लेकर किस करने लगा। आंटी बोली कि थोड़ी देर रुक जा, आज पूरी रात ही तेरी है, तू मुझे आज अच्छी तरह प्यार करना। तो मैंने ख़ुशी से आंटी को कसकर बाहों में जकड़ लिया और किस करता रहा और वो भी मेरा साथ देने लगी और थोड़ी दर हम एक दूसरे को किस करते रहे और फिर उसने कहा कि अभी तुम थोड़ा आराम कर लो, हम कुछ देर बाद में प्यार करेंगे।
फिर वो अपनी नाईटी पहनकर किचन में चली गई और थोड़ा खाने के लिए चिप्स लाई और बोली कि चलो खाते है, मैंने कहा कि लेकिन पहले आंटी आप मेरी गोद में बैठ जाइए और आप मुझ को अपने हाथों से खिलाओ। तो आंटी बोली कि यह सही है, चलो तुम अब टावल पहन लो। तो मैंने बोला कि आंटी कुछ नहीं होता में ऐसे ही आपको गोद में बैठाऊंगा और फिर आंटी मेरी गोद में आकर बैठ गई और मुझे अपने हाथों से चिप्स खिलाने लगी और हम आपस में बातें करने लगे। तो मैंने आंटी से पूछा कि आंटी आपने कितने टाइम से सेक्स नहीं किया? आंटी बोली कि मैंने पिछले दो सालो से सेक्स नहीं किया। तो मैंने बोला कि आंटी आप कैसे इतने समय से अपने आपको सम्भाल रही थी? वो बोली कि में अपनी चूत को अपनी उँगलियों से ही खुश कर रही थी। तो मैंने बोला कि आंटी आपके साथ सेक्स करके मुझे बहुत मज़ा आया और मुझे लगता ही नहीं कि आपकी उम्र 40 साल है। तो आंटी बोली कि में आज तुमको और भी मज़ा दूंगी। में बहुत खुश हुआ और आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स दबाने लगा मैंने कहा कि आंटी मुझे अब आपकी गांड का मज़ा चाहिए। आंटी ने कहा कि नहीं बहुत दर्द होगा। तो मैंने कहा कि आंटी एक बार करने दो ना। आंटी ने कहा कि चलो ठीक है कर लो और फिर आंटी उठकर फ्रिज से मख्खन लेकर आई और मेरे लंड पर लगाने लगी और अपनी गांड पर भी लगा लिया। तो मैंने आंटी को बेड पर ले जाकर घोड़ी बना लिया और उनकी गांड में अपना लंड डालने लगा। मख्खन होने के कारण लंड उनकी गांड में फिसलता हुआ जाने लगा और आंटी के मुहं से सिसकियों की आवाज़ आने लगी आह्ह्ह्हह उह्ह्हह्ह माँ बचाओ अह्ह्ह्ह थोड़ा धीरे अह्ह्ह्हह और आंटी को दर्द होने लगा और फिर आंटी बोली कि आशीष लंड को बाहर निकाल ले।
तो मैंने कहा कि आंटी रूको अभी दर्द कम हो जाएगा और मैंने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी। मेरा लंड आंटी की गांड में पूरा चला गया और आंटी दर्द से तड़पती रही, लेकिन मैंने उनकी एक बात नहीं सुनी और में अपने लंड को आंटी की गांड के अंदर बाहर करता हुआ धक्के मारता रहा और अब आंटी की आवाज़ भी कम होती जा रही और उनको भी मज़ा आने लगा। मैंने करीब 15 मिनट तक लगातर आंटी की गांड मारी। मेरा लंड पूरे जोश में था तो मैंने आंटी को सीधा किया और अपना लंड उनकी चूत के मुहं पर रखा और धक्के मारने शुरू किये। में आंटी को किस करने लगा और धक्के मारता रहा, मेरा वीर्य अब निकलने वाला था तो मैंने अपनी स्पीड को तेज किया और मैंने आंटी की चूत में ही अपना पूरा गरम गरम वीर्य निकाल दिया और मेरा लंड अब शांत हो गया था। तो मैंने टाईम देखा 10 बज गये थे। फिर हम थककर नंगे ही सो गये और सुबह उठकर में अपने घर चला आया ।।
धन्यवाद …
एक लड़का जो होस्टल में रहता था और वहीं पर पढ़ता था और एक लड़की जिसकी कुछ टाईम पहले शादी हुई थी।
वो मेरी मामी की कुछ टाईम पहले ही नई नई दोस्त बनी थी और फिर वो लगातार मेरे घर पर आने जाने लगी थी और सुनीता आंटी हमेशा साड़ी ही पहनती थी, लेकिन में उनके बारे में कभी भी मन में कुछ गलत नहीं सोचता था। एक दिन आंटी मेरे घर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी कि मेरे घर पर कोई भी नहीं होता है, तो क्या में आशीष से कभी कभी अपने कुछ काम हो तो, उससे करा लूंगी? तो मेरी मम्मी ने कहा कि हाँ, ठीक है आपके कोई भी काम हो तो इसको बोल दिया करो, यह वो काम कर देगा। फिर क्या था सुनीता आंटी मुझसे एक दो दिन में कुछ ना कुछ सामान मंगवाती रहती थी और में उनके घर पर जाता रहता, लेकिन में कभी भी उनके घर के अंदर नहीं जाता था, में बाहर से उनको सामान देकर चला आता था, तो एक दिन आंटी ने मुझे कॉल किया कि आशीष तुम आज मेरे साथ मार्केट चलो, मुझे कुछ सामान लेना है और उन दिनों बारिश हो रही थी। तो में आंटी के घर के बाहर आया और कॉल किया कि आंटी में आ गया हूँ, तो आंटी क्या मस्त साड़ी पहनकर आई उन्होंने लाल रंग की सिल्क की साड़ी पहनी हुई थी, लेकिन फिर मैंने इतना ध्यान नहीं दिया, क्योंकि में आंटी के बारे में कभी भी कोई गलत बात नहीं सोचता था।
तो में आंटी के घर पर पहुंचा और उन्हे अपनी बाईक पर बैठाकर ले जाने लगा और फिर में कुछ देर बाद आंटी को मार्केट ले आया, आंटी ने कुछ घर का जरूरी सामान लिया और फिर आंटी एक दुकान में चली गई, जहाँ पर पेंटी और ब्रा मिलती थी और में उस दुकान के बाहर ही रुक गया। तो आंटी बोली कि आशीष क्या हुआ बाहर क्यों रुक गए? तो मैंने कहा कि नहीं आंटी आप ही अंदर जाइए, आंटी मुझसे बोली कि तुम भी अंदर चलो ना मुझे कोई दिक्कत नहीं है और में आंटी के साथ अंदर चला गया। आंटी ने दुकानदार से कुछ पेंटी और ब्रा देने को कहे आंटी का साईज़ 42 था और फिर आंटी ने तीन पेंटी और ब्रा खरीद लिए और में आंटी को अपनी बाईक पर बैठाकर घर पर लाने लगा, लेकिन तभी बहुत ज़ोर से बारिश होने लगी तो आंटी ने अपने बूब्स को मेरी कमर से एकदम चिपका दिया जिसकी वजह से मुझे उनके जिस्म की गरमी महससू हो रही थी, एक तरफ बारिश का ठंडा ठंडा पानी और दूसरी तरफ उनके जिस्म की गरमी मेरे शरीर में एक अजीब सा अहसास पैदा कर रही थी और उनके बूब्स मेरी कमर से दब रहे थे, तो आंटी और में थोड़ा सा भीग गए और हम जैसे ही आंटी के घर पर पहुंचे तो बारिश और भी तेज हो गई तो आंटी मुझसे बोली कि आशीष जल्दी से अंदर चलो और में बाईक को एक साइड में लगाकर आंटी के घर चल दिया, आंटी ने अपने घर का दरवाजा खोला और हम दोनों अंदर चले गये। में आंटी के घर के अंदर पहली बार गया था, तो आंटी ने कहा कि आशीष यह लो टावल और जल्दी से अपनी ड्रेस को उतार लो नहीं तो तुम्हे ठंड लग जाएगी, तो मैंने कहा कि आंटी कोई बात नहीं, में बारिश के थोड़ा कम होते ही अपने घर पर चला जाऊंगा, तो आंटी ने कहा कि अरे आशीष तुम्हारी ड्रेस पूरी तरह भीग गई है और ऐसे तुम बीमार हो जाओगे, तुम अपने कपड़े बदल लो। मैंने आंटी के बहुत बार कहने पर उनकी बात मान ली और अपनी ड्रेस उतार दी और टावल पहन लिया और फिर आंटी भी अपनी ड्रेस को चेंज करने अपने रूम में चली गई, लेकिन जब आंटी वापस आई तो वो क्या मस्त लग रही थी। वो एक गुलाबी कलर की नाईटी पहनकर आई और ठीक मेरे सामने आकर बैठ गई, तो में उनके जिस्म को नजरे चुराकर देखने लगा और में उनके आधे बाहर की तरफ झांकते हुए बूब्स को देखने लगा, वो बहुत सुंदर दिख रहे थे।
फिर आंटी मुझसे बोली कि आशीष में चाय बनाकर लाती हूँ और जैसे ही वो उठकर जाने लगी तो उनकी एकदम टाईट नाईटी से उनकी गांड बहुत बड़ी और बाहर की तरफ दिख रही थी, जिसने मेरे लंड को अब गरम होने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन में फिर भी शांत रहा। फिर कुछ देर बाद आंटी चाय लेकर आई और चाय रखने के लिए थोड़ा सा झुकी तो मुझे उनके बूब्स के पूरी तरह दर्शन हो गये और में बहुत खुश हुआ। फिर वो मेरे सामने बैठ गई और हम दोनों चाय पीने लगे और आंटी इधर उधर की बातें करने लगी कि आशीष तुम क्या करते हो? और क्या करना चाहते हो? फिर अचानक से आंटी मुझसे कहने लगी कि आशीष में वो ब्रा, पेंटी सब पहनकर देख लेती हूँ, कि वो साइज़ ठीक है या नहीं, अगर साइज़ सही नहीं होगा तो तुम उस दुकान पर जाकर उन्हें बदलवा कर ले आना। फिर आंटी अंदर गई और थोड़ी देर बाद आंटी ने मुझे आवाज़ लगाई कि आशीष ज़रा अंदर आना, तो में टावल में ही अंदर चला गया और फिर अंदर जाते ही मेरी आँखे खुली की खुली रह गई क्योंकि जो सब कुछ मैंने अंदर देखा वो में कभी सपने में भी नहीं सोच सकता था, अंदर आंटी पेंटी और ब्रा में थी और वो आइने के सामने ब्रा पहनने की कोशिश कर रही थी तो में वहीं रूक गया।
तो आंटी बोली कि अंदर आ जाओ, में थोड़ी हिम्मत करके अंदर चला गया और फिर आंटी बोली कि आशीष ज़रा इसको पहना दो, मुझसे इसका हुक नहीं लग रहा है, में बोला कि क्या आंटी में? तो आंटी बोली कि हाँ तू, क्या हुआ? तो में आंटी की ब्रा का हुक लगाने लगा और कांच में से चुपके चुपके उनके मोटे मोटे बूब्स देख रहा था। आंटी मुझसे पूछने लगी कि आशीष क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो में उस टाईम एकदम चुप रहा और आंटी फिर से बोली कि बताओ ना, में यह बात किसी को नहीं कहूंगी। तो मैंने बोला कि आंटी ऐसी कोई बात नहीं है क्योंकि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। तो आंटी बोली कि क्यों मुझसे झूठ बोल रहा है? तो मैंने कहा कि आंटी मुझे अब तक कोई मिली ही नहीं। तो आंटी बोली कि क्यों तुम्हे किस तरह की लड़की चाहिए? फिर में बोला कि जो मुझे प्यार करे। आंटी बोली कि हाँ यह बात सही है और मैंने तब तक आंटी का ब्रा का हुक लगा दिया था और आंटी मेरे सामने सीधी होकर खड़ी हो गई, उनके मोटे मोटे बूब्स को देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और टावल से साफ साफ दिखने लगा और आंटी ने भी शायद यह सब देख लिया। फिर आंटी बोली कि आशीष ज़रा वो वाली ब्रा लाना जो उसके पास में है। तो में उस दूसरी ब्रा को लेने गया। तब तक आंटी ने अपनी ब्रा को उतार दिया और मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी। मेरा दिमाग़ काम ही नहीं कर रहा था कि में अब क्या करूं? तो आंटी बोली कि लाओ ना, तो में ब्रा लेकर आंटी के पास चला गया। आंटी बोली कि क्या हुआ आशीष कभी किसी औरत को ऐसे नहीं देखा क्या? तो मैंने कहा कि नहीं, और फिर आंटी मेरे लंड की तरफ देखकर ज़ोर से हंसी और बोली कि यह क्या है? तो में बोला कि आंटी कुछ नहीं, आंटी मेरे पास आई और मेरे लंड को छूने लगी और बोली कि यह तो सब कुछ चाहता है। तो में आंटी की बातें सुनकर एकदम पागल सा हो रहा था, आंटी ने मेरा टावल निकाल दिया और में अब उनके सामने सिर्फ अपने अंडरवियर में खड़ा हुआ था। आंटी बोली कि में पहले इसको शांत करती हूँ और आंटी मेरे लंड को अंडरवियर के बाहर से हिलाने लगी और अब मुझे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने आंटी को अपनी बाहों में भर लिया और उनको किस करने लगा। तो आंटी बोली कि आशीष बहुत टाईम से तेरे अंकल ने मुझको प्यार नहीं किया, इसलिए मैंने तेरे साथ यह सब किया और अगर में आगे होकर तुझसे यह सब करने के लिए बोलती तो तू मुझसे बात भी नहीं करता, क्योंकि तुमको अब मुझमें क्या मिलेगा?
तो मैंने कहा कि आंटी ऐसी कोई बात नहीं है। में आपको आज से बहुत प्यार करूंगा, आपकी हर एक इच्छा पूरी करूंगा, आप जो बात कहोगी वो में करूंगा। तो आंटी मुझको किस करने लगी। मैंने आंटी को अपनी गोद में उठा लिया और पलंग पर लेटा दिया और में आंटी की पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को मसलने लगा और उनके बूब्स को चूसने लगा। आंटी मस्त आवाज़ निकालती जा रही थी, वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी थी, तो मैंने आंटी की पेंटी को उतार दिया। मैंने देखा कि आंटी की चूत पर एक भी बाल नहीं है, वो पूरी एकदम लाल गीली चूत थी। तो आंटी बोली कि मैंने आज ही अपनी चूत के बाल साफ किये है क्योंकि मुझे आज तुझसे जो मिलना था। तो मैंने कहा कि क्या बात है साली? तो वो हंसने लगी और मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी। में उसके बूब्स को चूसते चूसते उसकी नाभि को चूमने और चाटने लगा। तो उसने कहा कि आशीष प्लीज अब अपनी आंटी को और मत तड़पाओ प्लीज़ अह्ह्ह्ह अपने लंड को मेरी चूत में डालो ना। तो मैंने कहा कि अच्छा और फिर मैंने आंटी के दोनों पैरों को फैलाया और उनकी चूत के मुहं पर अपना लंड रखा और धीरे से अंदर डालना शुरू किया और एक ही जोरदार धक्का दिया कि आंटी की चीख निकल गई और मैंने अपनी स्पीड बड़ा ली और आंटी की सिसकियों की आवाज़ मुझको पागल करने लगी.. हअह्ह्ह्हह्ह उह्ह्हह्ह्ह्ह और ज़ोर से हाँ अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह हाँ ज़ोर से। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर में अपनी तेज स्पीड से अपने लंड को उनकी चूत के अंदर बाहर करता रहा और कुछ देर के बाद आंटी ने अपना पानी छोड़ दिया, लेकिन फिर भी मेरी स्पीड वही रही और करीब 15 मिनट के बाद मेरा भी वीर्य निकलने वाला था तो मैंने पूछा कि आंटी कहाँ निकालूँ? और फिर वो बोली कि बाहर ही निकाल दो, मैंने अपना लंड, चूत से बाहर निकाल लिया और आंटी के ऊपर ही अपना पूरा वीर्य निकाल दिया। तो आंटी बोली कि अरे तूने अपनी आंटी को पूरा गंदा कर दिया। तो मैंने कहा कि आंटी लो इसे चूसो ना, तो आंटी बोली कि यह सब अच्छा नहीं होता। तो मैंने कहा कि आंटी प्लीज़ एक बार, लेकिन वो फिर भी मना करने लगी, तो मैंने अपने लंड को जबरदस्ती उसके मुहं के अंदर डाल दिया और उनसे कहा कि चूसो इसे। तो वो मना करने लगी, लेकिन मैंने कहा कि हाँ आप मुझसे प्यार नहीं करती? फिर आंटी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है चलो में तुम्हारा लंड चूसती हूँ और वो मेरे लंड को चूसने लगी और मेरे लंड को उसने पूरी तरह चाट चाटकर साफ कर दिया और कहने लगी कि तुम सबको इसमें क्या मज़ा आता है? तो मैंने कहा कि आंटी इसमें बहुत शांति मिलती है और थोड़ी ही देर बाद मेरा लंड फिर से तैयार होने लगा और आंटी अपने आपको साफ करने बाथरूम में चली गई। फिर आंटी कुछ देर बाद साफ होकर बाहर आई। मेरा मन और भी चुदाई करने का हो रहा था। मैंने आंटी को अपने हाथों से उठाकर बेड पर लेटा दिया। तो आंटी बोली कि क्यों अब क्या करना है? मैंने कहा कि आंटी मुझे अभी और भी सेक्स करना है। तो आंटी बोली कि क्यों, अब नहीं? तो में आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स को चूसने लगा। मैंने आंटी की चूत में फिर से अपने लंड को रखा और फिर से एक धक्का मारा और अपना लंड पूरा का पूरा अंदर डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा और आंटी अपनी कमर ऊपर नीचे करने लगी और में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारता रहा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने आंटी को अपने ऊपर बैठाया और वो मेरे ऊपर लंड को पकड़कर ऊपर नीचे होने लगी। में ऐसा करीब 15 मिनट तक करता रहा। फिर मैंने आंटी को एक टेबल के ऊपर बैठाया और उनकी चूत में अपना लंड डालकर धक्के मारने लगा। फिर मैंने उनको बेड पर लेटा दिया और चोदने लगा। लगभग 30 मिनट बाद मेरा वीर्य निकलने को तैयार था और मैंने अपना वीर्य आंटी के अंदर ही डाल दिया।
तो आंटी बोली कि आशीष तुमने यह क्या किया? तो मैंने कहा कि आंटी इसका असली मज़ा अंदर ही है और वो बोली कि तू बड़ा बदमाश है चल अब हट मेरे ऊपर से। तो में आंटी के ऊपर ही लेट गया और बोला कि आंटी रूको ना ज़रा आपको किस करने दो। में आंटी के बूब्स को चूसता रहा और आंटी के साथ थोड़ी देर लेटा रहा। तब तक शाम के 5 बज गये थे, लेकिन मेरा मन अभी भी घर पर जाने को नहीं कर रहा था। तो आंटी बोली कि क्यों घर नहीं जाना? मैंने कहा कि आंटी आपको छोड़कर जाने का मन नहीं कर रहा। आंटी बोली कि तो क्या हुआ? तू आज पूरी रात रुक जा अपनी आंटी के पास और मुझे प्यार कर। तो में उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और सोचा कि आज सही टाईम है और फिर मैंने घर पर कॉल करके बोल दिया कि आज मुझे कुछ काम है इसलिए में अपने दोस्त के यहाँ पर रुक गया हूँ। फिर में आंटी को अपनी बाहों में लेकर किस करने लगा। आंटी बोली कि थोड़ी देर रुक जा, आज पूरी रात ही तेरी है, तू मुझे आज अच्छी तरह प्यार करना। तो मैंने ख़ुशी से आंटी को कसकर बाहों में जकड़ लिया और किस करता रहा और वो भी मेरा साथ देने लगी और थोड़ी दर हम एक दूसरे को किस करते रहे और फिर उसने कहा कि अभी तुम थोड़ा आराम कर लो, हम कुछ देर बाद में प्यार करेंगे।
फिर वो अपनी नाईटी पहनकर किचन में चली गई और थोड़ा खाने के लिए चिप्स लाई और बोली कि चलो खाते है, मैंने कहा कि लेकिन पहले आंटी आप मेरी गोद में बैठ जाइए और आप मुझ को अपने हाथों से खिलाओ। तो आंटी बोली कि यह सही है, चलो तुम अब टावल पहन लो। तो मैंने बोला कि आंटी कुछ नहीं होता में ऐसे ही आपको गोद में बैठाऊंगा और फिर आंटी मेरी गोद में आकर बैठ गई और मुझे अपने हाथों से चिप्स खिलाने लगी और हम आपस में बातें करने लगे। तो मैंने आंटी से पूछा कि आंटी आपने कितने टाइम से सेक्स नहीं किया? आंटी बोली कि मैंने पिछले दो सालो से सेक्स नहीं किया। तो मैंने बोला कि आंटी आप कैसे इतने समय से अपने आपको सम्भाल रही थी? वो बोली कि में अपनी चूत को अपनी उँगलियों से ही खुश कर रही थी। तो मैंने बोला कि आंटी आपके साथ सेक्स करके मुझे बहुत मज़ा आया और मुझे लगता ही नहीं कि आपकी उम्र 40 साल है। तो आंटी बोली कि में आज तुमको और भी मज़ा दूंगी। में बहुत खुश हुआ और आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स दबाने लगा मैंने कहा कि आंटी मुझे अब आपकी गांड का मज़ा चाहिए। आंटी ने कहा कि नहीं बहुत दर्द होगा। तो मैंने कहा कि आंटी एक बार करने दो ना। आंटी ने कहा कि चलो ठीक है कर लो और फिर आंटी उठकर फ्रिज से मख्खन लेकर आई और मेरे लंड पर लगाने लगी और अपनी गांड पर भी लगा लिया। तो मैंने आंटी को बेड पर ले जाकर घोड़ी बना लिया और उनकी गांड में अपना लंड डालने लगा। मख्खन होने के कारण लंड उनकी गांड में फिसलता हुआ जाने लगा और आंटी के मुहं से सिसकियों की आवाज़ आने लगी आह्ह्ह्हह उह्ह्हह्ह माँ बचाओ अह्ह्ह्ह थोड़ा धीरे अह्ह्ह्हह और आंटी को दर्द होने लगा और फिर आंटी बोली कि आशीष लंड को बाहर निकाल ले।
तो मैंने कहा कि आंटी रूको अभी दर्द कम हो जाएगा और मैंने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी। मेरा लंड आंटी की गांड में पूरा चला गया और आंटी दर्द से तड़पती रही, लेकिन मैंने उनकी एक बात नहीं सुनी और में अपने लंड को आंटी की गांड के अंदर बाहर करता हुआ धक्के मारता रहा और अब आंटी की आवाज़ भी कम होती जा रही और उनको भी मज़ा आने लगा। मैंने करीब 15 मिनट तक लगातर आंटी की गांड मारी। मेरा लंड पूरे जोश में था तो मैंने आंटी को सीधा किया और अपना लंड उनकी चूत के मुहं पर रखा और धक्के मारने शुरू किये। में आंटी को किस करने लगा और धक्के मारता रहा, मेरा वीर्य अब निकलने वाला था तो मैंने अपनी स्पीड को तेज किया और मैंने आंटी की चूत में ही अपना पूरा गरम गरम वीर्य निकाल दिया और मेरा लंड अब शांत हो गया था। तो मैंने टाईम देखा 10 बज गये थे। फिर हम थककर नंगे ही सो गये और सुबह उठकर में अपने घर चला आया ।।
धन्यवाद …

भापजा नेता की XXX पोर्न विडियो हुई लीक Click Here To Watch and Downlaod :- BJP leader Manohar Lal Dhakad XXX Sex Scandal Desi Porn Mms :- Watch Download Mandsaur BJP leader Manohar Lal Dhakad Delhi-Mumbai Expressway Sex Scandal Viral Indian Desi Porm Mms XXX Chudai Video.
ReplyDelete😄👉Actress Preity Zinta Doggy Style Anal Sex HD Porn Video
ReplyDelete😄👉Nangi Kareena Kapoor Exposing Big Tits In Live Sex Cam Show
😄👉Anushka Sharma Giving Handjob To Virat Kohli Porn Mms Video
😄👉Nude Kangana Ranaut Rides an Imaginary Cock in Sexy Lingerie Porn
😄👉Nude Kareena Kapoor Fucked Inside River Water In The Jungle Porn Video
😄👉Dildo Fucking Machine Destroyed Tiny Pussy of Nude Alia Bhatt Porn Mms
😄👉Sey Actress Kareena Kapoor in Luxury Bikini Viral Sensation Video
😄👉Nangi Anushka Sharma Calmed Itching of Pussy with Dildo XXX Porn Video
😄👉Film Actress Shraddha Kapoor Real Full HD Porn Videos XXX MMS
😄👉Nangi Sonakshi Sinha Giving Blowjob To Husband Zaheer Iqbal XXX Porn Video